जाने क्या होती है हर्पीस डिसीज़, और इसके घरेलू उपाय

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हर्पीस किया हैं:

हर्पीस एक इन्फेक्शन है जो कि वायरस हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस (एचएसवी) HSV के कारण होती है, इसमें हमारी त्वचा पर छोटे छोटे छाले निकल आते है, इस बीमारी में रोगी के शरीर में कई छाले एक साथ एक ही तरफ निकल आते है, और इसमें दर्द भी बहुत होता है, हर्पीस दो प्रकार के होते है – ओरल और जेनिटल,
ओरल हर्पीस में हमारे मुह के चारो ओर कोल्ड़ सोर्स (घाव) या छाले हो जाते है, जेनिटल हर्पीस में जननांगों, कूल्हे या गुदा क्षेत्र में तरल छाले आ जाते है.

लक्षण:

  • शरीर के एक तरफ जलन, खुजली, दर्द्युक्त घाव.
  • माथे के एक तरफ और आँखे की ऊपरी पलक पर फफोले होना,
  • प्रभावित क्षेत्र के आसपास जलन, फड़कन या खुजली होना,
  • आँख के पास की त्वचा का लाल होना या दाग होना,
  • स्पर्श के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता,
  • आँखों में लालिमा, उत्तेजना या पानी होना,
  • धुंधला दिखाई देना,
  • बुखार और कंपकंपी,
  • सिरदर्द,
  • पेट में गड़बड़

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कारण:

ओरल ओर जेनिटल हर्पीस दोनों डायरेक्ट कांटेक्ट से फलते है, यह यौन सम्बन्ध के माध्यम से ही फलते है, इस बीमारी से प्रभावित महिला या पुरुष के सेक्स सम्बन्ध से जैसे वजाइनल या ऐनल सेक्स के द्वारा फलता है , जिसे जननांगों में हर्पीज़ हो वो ब्लास्टर को छूने के बाद अपने इन्फेक्टेड हाथो से शरीर को छू कर इस रोग को फैला सकता है,

एक वयस्क से बच्चो में, चूमने से, कहना शेयर करने से, बछो के गालो को छूने से और किसी भी तरह के मुह के कांटेक्ट से हो सकते है, एक वयस्क से वयस्क के शरीर में रेज़र, लिप बाम, बर्तन, झूठा खाना शेयर करने से फैल सकता है,

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हर्पीस से बचाव के तरीके:

हर्पीस से बचने का एक ही तरीका है की वायरस के संपर्क में न आए, मौखिक,लैंगिक या गुदा सेक्स के द्वारा यह पीड़ित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक पहोच जाता है, यह एक विरल रोग है, इसे रोकने के लये कुछ बाते हमेशा ध्यान रखे.

  • किसी को चुंबन न करे,
  •  ओरल यौन सम्बन्ध या ओरल सेक्स न करे,
  •  इन्फेक्टेड हाथो से बछो के गालो को ना छुऐ,
  •  हाथो से बिलस्टर को छूने के बाद हाथ अच्छे से धोए,
  •  बर्तन, कप, तौलिया, टूथ पेस्ट, रेज़र और साबुन आदि शेयर न करे,
  •  यौन सम्बन्ध न बनाये,

हर्पीस के घरेलू उपाय:

– खुरचें नहीं,
– घाव या फफोले को ढीली, ना चिपकने वाली, जीवाणुरहित पट्टियों से बांधें,
– खुजली वाले क्षेत्रों पर ठंडी, गीली पट्टियाँ या बर्फ के पेक्स लगाएँ, या कुनकुने पानी में डुबोकर रखें। गर्मी या अधिक तापमान से दूर रहें, ये खुजली को बढ़ाता है,
– ढीले कपड़े पहनें, इससे उत्तेजित त्वचा पर कपड़ों की रगड़ नहीं लगती है,

इस रोग का कोई उपचार नही है, इसलिए लक्षणों को दूर करने के लिए एंटीवाइरल दवाएं और एंटीवाइरल क्रीम या मरहम इसकी जलन को कम करने के लिए लगाया जाता है, प्रिस्क्रिप्शन एलोपथिक, एंटीवाइरल दवे दोनों तरह की हर्पीस के लये इस्तमाल की जाती है,
– फाम्सिक्लोविर
– असायक्लोविर

इन मेडिसिन्स को हर्पीस रोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता हैं

  • Famciclovir
  • Val acyclovir
  • Acyclovir

Web-Title: what is herpes disease causes,symptoms,and treatment

Keywords: Herpes, skin, virus, HSV, disease

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